गैर-कानूनी धार्मिक ट्रस्ट आरटीआई के तहत नहीं |

15 फरवरी तक आरटीआई फोरम का महासदस्यता अभियान

युवाओं से महासदस्यता अभियान में भाग लेने की अपील

नई दिल्ली : सूचना का अधिकार 2005 अधिनियम को लेकर भारत में कार्य कर रही नेशनल आरटीआई फोरम का महासदस्यता अभियान काफी जोरों पर है. जानकारी के मुताबिक अबतक हजारों की संख्या में आरटीआई में रूचि रखने वाले युवा तथा आरटीआई कार्यकर्त्ता इस अभियान से जुड़कर सदस्यता ले रहे हैं. इसमें बिहार, झारखंड, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, छतीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, गुजरात, गोवा सहित कई राज्यों से काफी संख्या में लोग जुड़ रहे है. बताते चले कि उक्त अभियान 15 फरवरी तक पुरे देश भर में चलने वाला है. विदित हो गत माह नई दिल्ली में हुई फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में महासदस्यता अभियान कराने का निर्णय को लेते हुए इसकी शुरुआत की गयी थी. इसका उद्देश्य एक बड़ी संख्या में नागरिकों को संगठन से जोड़ना व उन्हें सुचनाधिकार अधिनियम से परिचय करा प्रशिक्षित करना है. इस बारे में फोरम के चुनाव पर्यवेक्षक व आरटीआई एक्टिविस्ट के.एन. सिंह ने बातचीत में बताया कि आज जिस प्रकार विभागों में भ्रष्टाचार व्याप्त है. इस भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने वाला यदि भारत में कोई क़ानून है तो वह है आरटीआई. लेकिन दुर्भाग्य आज के युवा व नागरिक जिनके लिए यह कानून बना, वही इस अधिनियम से अनभिज्ञ है. फलस्वरूप, आज भ्रष्टाचार चरम पर है. श्री सिंह बताया कि आरटीआई की जानकारी का अभाव लोगों में इतना सूक्ष्म है कि आज भारत में 145 करोड़ की आबादी होने के बाद भी इस अधिनियम का पुरे देश में मात्र 2 से 3 प्रतिशत ही नागरिक उपयोग कर पाते है. इसमें भी सूचनाधिकार के लिए कार्य कर रहे अधिकांश बंधुओं को सही प्रशिक्षण नहीं है, वहीं उनके जानमाल की सुरक्षा की भी चिंतायें बनी रहती है. ऐसे में नेशनल आरटीआई फोरम वैसे सभी नागरिकों को प्रशिक्षित तो करती ही है. साथ ही अपने एक्टिविस्ट बंधुओं के सुरक्षा को लेकर भी पहल करती है. श्री सिंह ने इस महासदस्यता अभियान में एक बड़ी संख्या में युवाओं व नागरिकों को संगठन से जुड़ने का आग्रह किया है ताकि देश के अधिक से अधिक युवा शक्ति व नागरिक अपने अधिकारों के प्रति सशक्त अथवा जागरूक हो सकें.

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